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कविता की संभावना और आलोचना के संकट- प्रियदर्शन



नया पथ- जुलाई/सितंबर अंक में चार युवा कवियों के संग्रह पर सुपरिचित कथाकार-आलोचक प्रियदर्शन की टिप्पणी

अशोक वाजपेयी की कविताएँ, विपुला च पृथ्‍वी.......(साभार ओम निश्चल की फेसबुक वॉल से)

  संसार में कितनी तरह की कविताएं लिखी जाती हैं। देश काल परिस् थिति को छूती और कभी कभार उसके पार जाती हुई। कभी दुख कभी सुख कभी आह्लाद कभी विष...