Showing posts with label gyanendrapati. Show all posts
Showing posts with label gyanendrapati. Show all posts

कवि कहो ज्ञानेन्द्रपति कहो बनारस का है- कुमार मंगलम

 




कुमार मंगलम युवा कवि-आलोचक हैं। वरिष्ठ कवि ज्ञानेन्द्रपति के दो संग्रहों- गंगा-तट और गंगा-बीती को आधार बनाकर उन्होंने कवि, बनारस और गंगा के रचनात्मक संबंध को बेहद संजीदा और शोधपरक दृष्टि एवं सधी हुई भाषा में परखा है। 

अशोक वाजपेयी की कविताएँ, विपुला च पृथ्‍वी.......(साभार ओम निश्चल की फेसबुक वॉल से)

  संसार में कितनी तरह की कविताएं लिखी जाती हैं। देश काल परिस् थिति को छूती और कभी कभार उसके पार जाती हुई। कभी दुख कभी सुख कभी आह्लाद कभी विष...